कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि
गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें।
नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
फिर कलश को लाल कपड़े से click here लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।